का सरल उत्तर
इस व्रत में केवल गुड़ और भुने हुए चने का प्रसाद चढ़ता है। यह दर्शाता है कि माता छप्पन भोग नहीं, बल्कि भक्तों का सच्चा भाव और 'संतोष' देखती हैं।
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
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