विस्तृत उत्तर
संतोषी माता के व्रत में प्रसाद के रूप में केवल गुड़ (Jaggery) और भुना हुआ चना (Roasted Gram) चढ़ाया जाता है। पुरानी कथाओं में इसे 'सवा आना' (1.25 Anna) का लाने का निर्देश है। गुड़ और चना 'ग़रीब का भोजन' या श्रमिक वर्ग का नाश्ता माना जाता है, जो यह दर्शाता है कि देवी अभिजात वर्ग की नहीं बल्कि जनसाधारण की माता हैं। वे 'छप्पन भोग' की बजाय 'भाव' और 'संतोष' को महत्व देती हैं। साथ ही चना घोड़े का आहार होने के कारण 'शक्ति' (Energy) का प्रतीक भी है।



