का सरल उत्तर
शुक्रवार को कलश स्थापित कर गुड़ और चने का भोग लगाएं। माता की कथा पढ़ें और आरती करें। यह बहुत सरल पूजा है जिसमें किसी मंत्र या पंडित की आवश्यकता नहीं होती।
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
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