का सरल उत्तर
उठते ही मन में दर्शन का स्मरण करें, भगवान को धन्यवाद दें। स्नान के बाद इष्टदेव की विशेष पूजा और नाम-जप करें। शास्त्रों में देव-दर्शन के स्वप्न को शुभ माना गया है। मूर्ति टूटी दिखे तो उस दिन अधिक जप करें — चिंता न करें।
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
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