विस्तृत उत्तर
सपने में भगवान का दर्शन — हिंदू शास्त्रों में इसे अत्यंत शुभ माना गया है। इसे 'देव-स्वप्न' या 'सिद्ध-स्वप्न' कहते हैं।
शास्त्रों का मत — स्वप्नशास्त्र और पुराणों में कहा गया है कि सपने में भगवान का दर्शन एक शुभ संकेत है। यह मन और आत्मा का उस दिव्य चेतना से संपर्क हो सकता है जो जागृत अवस्था में शोर में दब जाती है।
क्या करें:
उठते ही मन में उसका स्मरण करें — स्वप्न भूलने से पहले उस दर्शन को मन में दोहराएँ और भगवान को धन्यवाद दें।
स्नान के बाद पूजा करें — उस दिन अपने इष्टदेव की विशेष पूजा करें, उनका नाम-जप करें।
सपने में जो संदेश मिला हो वो नोट करें — कभी-कभी सपने में भगवान कुछ कहते हैं या कोई दिशा दिखाते हैं — उसे ध्यान से याद करें।
किसी को बताएँ या न बताएँ — सात्त्विक स्वप्न बहुत बताने की परंपरा नहीं है — उसे हृदय में रखें।
यदि स्वप्न अशुभ हो — यदि भगवान की मूर्ति टूटी, गंदी या क्षतिग्रस्त दिखे — तो उस दिन भगवान का नाम जप और पूजन अधिक करें। चिंता न करें — यह केवल सपना है, मन की क्रिया है।
सावधानी — सपने की अधिक व्याख्या में न उलझें। सपने हमेशा 'दैवीय संदेश' नहीं होते — कभी-कभी ये मन की सामान्य प्रक्रिया है। किंतु यदि बार-बार एक ही सपना आए तो उस पर ध्यान दें।





