का सरल उत्तर
सती → योगाग्नि में देह त्याग → पार्वती रूप में पुनर्जन्म → घोर तपस्या → शिव को पुनः पाया। दार्शनिक संदेश: जीवात्मा (सती/पार्वती) को परमात्मा (शिव) से एकाकार होने के लिए घोर तप, वैराग्य और अनन्य भक्ति का मार्ग चाहिए।
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
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