का सरल उत्तर
सनातन में सत्य तीन स्तरों पर है — वाणी की सत्यता (तैत्तिरीय उपनिषद: सत्यं वद), व्यावहारिक सत्य और परमार्थिक सत्य जो एकमात्र ब्रह्म है (बृहदारण्यक: सत्यम् ब्रह्म)। जो शाश्वत, अविनाशी और सर्वदा अपरिवर्तित रहे — वही परम सत्य है।
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
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