का सरल उत्तर
सत्यलोक एक ओर भौतिक ब्रह्मांड का शिखर है और दूसरी ओर शाश्वत वैकुंठ की शुरुआत। यहाँ से भौतिकता समाप्त होती है और शाश्वत आध्यात्मिकता आरंभ होती है — इसीलिए यह अंतिम सेतु है।
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
इस श्रेणी के अन्य प्रश्नोत्तर।