का सरल उत्तर
शैव सिद्धांत पूजा: भूत शुद्धि → न्यास → 'ॐ नमः शिवाय' जप → शिवलिंग अभिषेक (पंचामृत, बिल्वपत्र) → आगमिक षोडशोपचार → रुद्राभिषेक → शिवाचार्य द्वारा पंचकाल पूजा। मूल: पति-पशु-पाश। कश्मीर शैव से भिन्न।
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