का सरल उत्तर
शक्तिपात वह प्रक्रिया है जिसमें सिद्ध गुरु अपनी चैतन्य आध्यात्मिक ऊर्जा शिष्य में संचारित करते हैं — इससे शिष्य की सुषुप्त कुंडलिनी जाग्रत होती है। यह स्पर्श, दृष्टि, मंत्र या संकल्प से दिया जाता है।
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
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