का सरल उत्तर
शक्तिपात = गुरु→शिष्य शक्ति प्रेषण (दीपक→दीपक)। अनुभव: कंपन, ऊष्मा, स्वतः आसन/प्राणायाम, गहन शांति/आनंद, प्रकाश, कुण्डलिनी ऊर्ध्वगमन। हर व्यक्ति भिन्न। सिद्ध गुरु से ही। अतिशयोक्ति से सावधान।
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
इस श्रेणी के अन्य प्रश्नोत्तर।