का सरल उत्तर
शालिग्राम साक्षात् विष्णु-स्वरूप है। पद्म पुराण के अनुसार इसके जल के पान से अश्वमेध का फल मिलता है। कर्म-दोष दूर होने से रोग शांत होते हैं। नित्य पंचामृत-स्नान के बाद उस अभिषेक-द्रव को प्रसाद रूप में ग्रहण करें।
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
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