का सरल उत्तर
यह राजा विक्रमादित्य की कथा है, जिन्हें शनिदेव के प्रकोप से अपना राज्य और हाथ-पैर गंवाने पड़े थे। अंत में माता काली की पूजा से ही उन्हें शनि के प्रकोप से मुक्ति मिली थी।
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
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