का सरल उत्तर
शांति पाठ का मुख्य मंत्र यजुर्वेद से है — 'ॐ द्यौः शान्तिरन्तरिक्षँ शान्तिः...' जिसमें द्युलोक, अन्तरिक्ष, पृथ्वी, जल, औषधि, वनस्पति और सभी देवताओं में शांति की प्रार्थना है। अंत में तीन बार 'शांतिः' बोला जाता है — क्रमशः आध्यात्मिक, आधिदैविक और आधिभौतिक शांति के लिए।
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
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