का सरल उत्तर
षष्ठी श्राद्ध का काम्य फल है द्यूत यानी क्रीड़ा या प्रतियोगिता में विजय। सप्तमी श्राद्ध का काम्य फल है कृषि में अभूतपूर्व सफलता। याज्ञवल्क्य स्मृति 1.264 के अनुसार श्लोक में द्यूतं कृषिं च वाणिज्यं स्पष्ट रूप से इन फलों का वर्णन है। आधुनिक संदर्भ में षष्ठी किसी भी प्रतियोगिता में विजय, और सप्तमी कृषि व उत्पादन में सफलता का प्रतीक है।
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
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