का सरल उत्तर
शतचंडी = सप्तशती के 100 पाठ। सामान्यतः 5 दिन: पहले 4 दिन 10 ब्राह्मणों द्वारा बढ़ते क्रम (1+2+3+4) में पाठ = 100 पूर्ण, 5वें दिन दशांश हवन। प्रत्येक पाठ संपुटित (नवार्ण मंत्र 100-100 बार)। गम्भीर संकट निवारण हेतु। इससे बड़ा: सहस्रचंडी (1000), लक्षचंडी (1,00,000)।
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
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