का सरल उत्तर
तंत्र दर्शन: सम्पूर्ण ब्रह्मांड शिव-शक्ति का रूप है — पवित्र-अपवित्र का भेद अविद्या है। शव साधना उस साधक की परीक्षा है जो शव में भी शिव का दर्शन करता है।
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
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