का सरल उत्तर
शव साधना में शव को भैरव का स्वरूप मानकर पूजा की जाती है — यह अद्वैत-दर्शन की परीक्षा है जिसमें साधक को मृत्यु के प्रतीक शव में भी शिव का दर्शन करना होता है।
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
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