का सरल उत्तर
शिव का लिंग स्वरूप = निराकार (Formless) परब्रह्म का प्रतीक। लिंगोद्भव कथा के बाद लिंग रूप और मूर्ति रूप दोनों में उपासना आरंभ। साधक अष्टांग योग से लिंग स्वरूप शिव का साक्षात्कार अपने भीतर करता है।
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
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