का सरल उत्तर
शिव ने गजासुर का वध काशी के देवताओं, ऋषियों और भक्तों की प्रार्थना पर किया। त्रिशूल से वध के बाद गजासुर ने शिव से अपनी खाल धारण करने और शव को काशी में लिंग रूप में स्थापित करने की इच्छा माँगी। शिव ने यह स्वीकार किया।
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
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