का सरल उत्तर
शिव ने कोमल वचनों में कहा: 'हे देवी! आज से मैं तुम्हारी तपस्या द्वारा खरीदा हुआ तुम्हारा दास हूँ।' यह विवाह साधारण नहीं था — यह प्रकृति-पुरुष और चेतना-ऊर्जा का ब्रह्मांडीय मिलन था।
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
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