का सरल उत्तर
शिव-शक्ति का तात्विक मर्म साधक के आंतरिक शिव (पुरुष) और शक्ति (प्रकृति) का मिलन है — जब यह आंतरिक संतुलन बनता है तो साधक आत्म-पूर्ण होता है जो दांपत्य सुख का मूल आधार है।
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
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