शिव जी का तीसरा नेत्र क्या दर्शाता है?
का सरल उत्तर
सरल उत्तर
शिव का तृतीय नेत्र ज्ञान और अग्नि का प्रतीक है। कामदेव दहन कथा: शिव ने तृतीय नेत्र से कामदेव को भस्म किया — अर्थ: ज्ञान जागृत होने पर काम-वासना भस्म हो जाती है। तंत्र शास्त्र में यह आज्ञाचक्र है — जिसके जागृत होने पर योगी सर्वज्ञ होता है।
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