का सरल उत्तर
'शिव अपराध क्षमापन स्तोत्र' (शंकराचार्य) — 'क्षन्तव्यो मेऽपराधः शिव शिव शिव भो श्रीमहादेव शम्भो'। संक्षिप्त: 'कराचरणकृतं वाक्कायजं कर्मजं वा... सर्वमेतत् क्षमस्व जय जय करुणाब्धे श्रीमहादेव शम्भो।' पूजा अंत/आरती बाद/विसर्जन पूर्व पढ़ें।
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