का सरल उत्तर
शिव पुराण: शंखचूड़ दैत्य का शिव ने वध किया → उसकी अस्थियों से शंख उत्पन्न → दैत्य अवशेष से शिव पूजा अनुचित। शंख से जल और शंख बजाना दोनों वर्जित। तांबे/कांसे से जल चढ़ाएं। शंख = विष्णु प्रतीक, विष्णु पूजा में शुभ।
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
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