शिव पूजा में शंख बजाना वर्जित क्यों माना जाता है?
का सरल उत्तर
सरल उत्तर
शिव पुराण: शंखचूड़ दैत्य का शिव ने वध किया → उसकी अस्थियों से शंख उत्पन्न → दैत्य अवशेष से शिव पूजा अनुचित। शंख से जल और शंख बजाना दोनों वर्जित। तांबे/कांसे से जल चढ़ाएं। शंख = विष्णु प्रतीक, विष्णु पूजा में शुभ।
सम्पूर्ण उत्तर
विस्तृत प्रश्न पृष्ठ देखें
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
श्रेणी
शिव पूजा नियम
इस श्रेणी के अन्य प्रश्नोत्तर।