का सरल उत्तर
शिव-पार्वती विवाह का अनुष्ठान। विधि: शिवलिंग+पार्वती प्रतिमा स्थापना → पंचामृत अभिषेक → बिल्वपत्र-धतूरा अर्पण → पार्वती श्रृंगार → गठजोड़ → रामचरितमानस शिव विवाह पाठ → आरती। लाभ: विवाह बाधा निवारण, दांपत्य सुख, संतान प्राप्ति, मांगलिक दोष शांति।
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
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