विस्तृत उत्तर
शिव विवाह पूजा भगवान शिव और माता पार्वती के दिव्य विवाह का अनुष्ठान है। यह सुखी वैवाहिक जीवन, विवाह बाधा निवारण और दांपत्य सुख के लिए अत्यंत फलदायी माना गया है।
शिव विवाह पूजा विधि
1तैयारी
- ▸शुभ मुहूर्त (सोमवार, महाशिवरात्रि, सावन मास विशेष)
- ▸शिवलिंग और माता पार्वती की प्रतिमा/चित्र स्थापित करें
- ▸पूजा सामग्री: बिल्वपत्र, धतूरा, आक के फूल, चंदन, गंगाजल, दूध, शहद, कुमकुम, सिंदूर, सुहाग सामग्री
2पूजन क्रम
- ▸गणेश पूजन (सर्वप्रथम)
- ▸कलश स्थापना और संकल्प
- ▸शिवलिंग पर जलाभिषेक (गंगाजल, दूध, शहद, दही, घी — पंचामृत)
- ▸बिल्वपत्र, धतूरा, आक पुष्प अर्पित करें
- ▸माता पार्वती का श्रृंगार — सिंदूर, कुमकुम, सुहाग सामग्री चढ़ाएं
- ▸शिव-पार्वती के मध्य गठजोड़ (मंगलसूत्र/पवित्र धागा) बांधें
- ▸'ॐ नमः शिवाय' या 'ॐ पार्वतीपतये नमः' का 108 बार जप
3रामचरितमानस पाठ
तुलसीदास कृत रामचरितमानस में शिव-पार्वती विवाह प्रसंग का पाठ करें। यह अत्यंत प्रभावशाली माना गया है।
4आरती और प्रसाद
- ▸शिव-पार्वती की आरती करें
- ▸प्रसाद वितरित करें
शिव विवाह पूजा के लाभ
- 1विवाह में आ रही बाधाएं दूर होती हैं
- 2मनचाहा जीवनसाथी प्राप्त होता है
- 3दांपत्य जीवन में सुख-शांति आती है
- 4पति-पत्नी के बीच अनबन दूर होती है
- 5संतान सुख की प्राप्ति होती है
- 6मांगलिक दोष शांत होता है





