शिवलिंग पर जलधारा किस दिशा से गिरनी चाहिए और क्यों?
का सरल उत्तर
सरल उत्तर
शिवलिंग पर जलधारा उत्तर दिशा से गिरनी चाहिए। पूर्व दिशा से कभी न चढ़ाएं (शिव का मुख्य द्वार)। जलधारी का मुख उत्तर में हो। तांबे/कांसे के लोटे से छोटी धारा में अर्पित करें। शंख या लोहे के पात्र से जल वर्जित। सोमसूत्र का जल कभी न लांघें।
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