का सरल उत्तर
'शिवेतरक्षतये' = 'शिव' (कल्याण) + 'इतर' (अकल्याणकारी) + 'क्षतये' (विनाश के लिए)। अर्थ: शिव वह सत्ता हैं जो समस्त अकल्याणकारी, अनिष्ट और तामसिक तत्त्वों का विनाश कर जीव का परम कल्याण सुनिश्चित करते हैं।
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
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