का सरल उत्तर
शूल 27 नित्ययोगों में नवम, 9 अशुभ योगों में से एक। 'तीव्र पीड़ा-बाधा' का बोधक। सूर्य-चंद्र योगफल 106°40'–120°। स्वामी सर्प। मांगलिक कार्य वर्जित। जन्म में कठोर, संघर्षशील, दृढ़ इच्छाशक्ति।
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
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