का सरल उत्तर
कौवा ग्रास: यमराज दूत/वाहन (पितरों तक भोजन), पितर कौवा रूप में आते हैं, शकुन (कौवा खाए=पितर तृप्त), पंचबलि अंग, काकभुशुण्डि (ज्ञानी)। विधि: ग्रास छत/खुले में → 'काकाय स्वाहा।'
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
इस श्रेणी के अन्य प्रश्नोत्तर।