का सरल उत्तर
कारण: समुद्र मंथन श्रावण में हुआ — विष ग्रहण, जलाभिषेक परंपरा। शिव पृथ्वी पर आते हैं इस मास। चंद्रमा (श्रावण स्वामी) शिव मस्तक पर। वर्षा ऋतु = शीतलता, बेलपत्र प्रचुर। प्रत्येक सोमवार व्रत, कावड़ यात्रा, नित्य जलाभिषेक।
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
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