ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
📿
धर्म-संबंधी शंका हो? शास्त्रों में उत्तर है।
पौराणिक प्रश्नोत्तरी — वेद, पुराण और तंत्र-शास्त्रों से प्रमाणित उत्तर, सरल हिंदी में
सभी प्रश्न देखें →
शिव पर्व📜 शिव पुराण, स्कन्द पुराण, भविष्य पुराण2 मिनट पठन

श्रावण मास में शिव पूजा का विशेष महत्व क्यों है?

संक्षिप्त उत्तर

कारण: समुद्र मंथन श्रावण में हुआ — विष ग्रहण, जलाभिषेक परंपरा। शिव पृथ्वी पर आते हैं इस मास। चंद्रमा (श्रावण स्वामी) शिव मस्तक पर। वर्षा ऋतु = शीतलता, बेलपत्र प्रचुर। प्रत्येक सोमवार व्रत, कावड़ यात्रा, नित्य जलाभिषेक।

📖

विस्तृत उत्तर

श्रावण (सावन) मास शिव पूजा का सर्वश्रेष्ठ काल माना गया है। इसके प्रमुख कारण:

1समुद्र मंथन कथा

शिव पुराण और भागवत पुराण के अनुसार श्रावण मास में ही समुद्र मंथन हुआ था। इसी मास में भगवान शिव ने हालाहल विष ग्रहण किया और 'नीलकंठ' कहलाए। देवताओं ने शिव की शीतलता हेतु जल, दूध, पंचामृत अर्पित किया — तभी से श्रावण में शिव पूजा और जलाभिषेक की परंपरा प्रारंभ हुई।

2शिव का पृथ्वी पर आगमन

मान्यता है कि श्रावण मास में भगवान शिव माता पार्वती सहित कैलाश से पृथ्वी लोक पर आते हैं। इस मास में की गई पूजा सीधे शिव तक पहुंचती है।

3चंद्रमा का संबंध

श्रावण मास का स्वामी चंद्रमा है और चंद्रमा शिव के मस्तक पर विराजमान है। अतः यह मास शिव को स्वाभाविक रूप से प्रिय है।

4प्राकृतिक शीतलता

श्रावण वर्षा ऋतु का मास है — प्रकृति में शीतलता और हरियाली होती है। शिव को शीतल वस्तुएं प्रिय हैं — यह ऋतु शिव पूजा के लिए स्वाभाविक रूप से अनुकूल है।

5बेलपत्र की उपलब्धता

इस मास में बेलपत्र प्रचुर मात्रा में उपलब्ध होते हैं — शिव पूजा का सर्वप्रमुख अंग सरलता से मिलता है।

श्रावण की विशेषता

  • प्रत्येक सोमवार को व्रत और शिव पूजा।
  • कावड़ यात्रा — गंगा/नर्मदा जल लाकर शिवलिंग अभिषेक।
  • नित्य जलाभिषेक और रुद्राभिषेक।
  • श्रावण शिवरात्रि (कृष्ण चतुर्दशी) विशेष।
📜
शास्त्रीय स्रोत
शिव पुराण, स्कन्द पुराण, भविष्य पुराण
क्या यह उत्तर उपयोगी था? इसे अपने प्रियजनों के साथ साझा करें

🏷 सम्बंधित विषय

श्रावणसावनशिव पूजामहत्वकारण

इसी विषय के अन्य प्रश्न

📚

विस्तार से पढ़ें

इस विषय पर हमारे विस्तृत लेख और मार्गदर्शिकाएँ

श्रावण मास में शिव पूजा का विशेष महत्व क्यों है — शास्त्रों के अनुसार

पौराणिक पर आपको शिव पर्व से जुड़े प्रमाणिक प्रश्न-उत्तर मिलेंगे। यह उत्तर शिव पुराण, स्कन्द पुराण, भविष्य पुराण पर आधारित है। अन्य प्रश्नों के लिए प्रश्नोत्तरी पृष्ठ देखें।