ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
सरल उत्तर

श्वेताश्वतर उपनिषद में माया-तत्त्व का क्या वर्णन है?

का सरल उत्तर

सरल उत्तर

श्वेताश्वतर उपनिषद: 'मायां तु प्रकृतिं विद्यान्मायिनं तु महेश्वरम्' — माया = प्रकृति (पार्वती), माया के स्वामी = महेश्वर (शिव)। पार्वती प्रत्येक जीव में कुंडलिनी शक्ति रूप में सुप्त हैं। सहस्रार में शिव से मिलने पर मोक्ष।

सम्पूर्ण उत्तर
विस्तृत प्रश्न पृष्ठ देखें

मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।

श्रेणी
शिव-पार्वती तत्त्व: दार्शनिक रहस्य

इस श्रेणी के अन्य प्रश्नोत्तर।