का सरल उत्तर
गृहस्थ लोग (स्मार्त) वह एकादशी करते हैं जो सूर्योदय के समय होती है। जबकि वैष्णव (संन्यासी) लोग वह एकादशी करते हैं जिसमें 'अरुणोदय' (सुबह के समय) दशमी का बिल्कुल भी अंश नहीं मिला होता।
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
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