का सरल उत्तर
सोहम = 'सो' (वह परमात्मा) + 'हम्' (मैं जीवात्मा)। श्वास लेते 'सोऽऽऽ', छोड़ते 'हम्ऽऽऽ' — यह अजपा जाप है जो 24 घंटे स्वतः होता रहता है। 21,600 बार प्रतिदिन। गोरक्ष संहिता में वर्णित यह साधना 'अहम् ब्रह्मास्मि' के आत्म-बोध की श्वास-यात्रा है।
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
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