का सरल उत्तर
17वें सोमवार को उद्यापन किया जाता है। गेहूं के आटे और गुड़ से 'चूरमा' बनाकर हवन किया जाता है। चूरमे के 3 हिस्से करके शिवजी को भोग लगाते हैं और ब्राह्मणों को दान व सात्विक भोजन कराते हैं।
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
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