सोमानंदीश्वर शिवलिंग को शास्त्रों में शिव-गणों का सिद्ध 'तपस्या-स्थल' क्यों माना जाता है?
का सरल उत्तर
सरल उत्तर
सोमनंदी मूल रूप से एक उग्र योद्धा थे, जिनका काशी में परम शांत मुनि के रूप में रूपांतरण हुआ। यह वह तपस्या-स्थल है जहाँ अवसाद, क्रोध और अनियंत्रित निम्न प्रवृत्तियाँ स्वतः उच्च चेतना और शांति में परिवर्तित हो जाती हैं।
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