स्तोत्र में 'निरीश्वरायै' और 'निखिलेश्वराय' का क्या अर्थ है?
का सरल उत्तर
सरल उत्तर
निरीश्वरायै = शक्ति स्वयं परम स्वतंत्र हैं (किसी के अधीन नहीं); निखिलेश्वराय = शिव संपूर्ण जगत के एकमात्र ईश्वर हैं। दोनों परस्पर पूरक और समान हैं।
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