सुंदरकांड के बाद क्या करना चाहिए?
का सरल उत्तर
सरल उत्तर
सुंदरकांड के बाद श्रीराम और हनुमान जी की आरती करें, भोग अर्पण करें और उपस्थित सभी को प्रसाद वितरित करें। पुस्तक को लाल कपड़े में लपेट कर पवित्र स्थान पर रखें। अनुष्ठान पूर्ण होने पर हवन का भी विधान है।
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