का सरल उत्तर
दान, जप और हवन सूतक में इसलिए वर्जित हैं ताकि ध्यान प्रेत की सद्गति पर रहे।
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
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