स्वर्ग और नरक क्या है हिंदू धर्म में
का सरल उत्तर
सरल उत्तर
स्वर्ग = पुण्य कर्मों का फल (दिव्य सुख, इंद्रलोक) — अस्थायी, पुण्य क्षीण होने पर पुनर्जन्म (गीता 9.21)। नरक = पाप कर्मों का दंड (यातनाएं) — अस्थायी। दोनों मोक्ष नहीं हैं। मोक्ष (जन्म-मृत्यु चक्र से मुक्ति) ही परम लक्ष्य।
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आत्मा और मोक्ष
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