का सरल उत्तर
स्वर्लोक अस्थायी है — पुण्य क्षीण होने पर वापस आना पड़ता है। मोक्ष स्थायी है — वहाँ से कोई नहीं लौटता। गीता कहती है 'यद्गत्वा न निवर्तन्ते तद्धाम परमं मम।'
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
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