का सरल उत्तर
स्वर्लोक के अधिपति देवराज इन्द्र हैं जिन्होंने सौ यज्ञ (शतक्रतु) करके यह पद प्राप्त किया। वे शची सहित अमरावती में स्वर्ण-सिंहासन पर विराजते हैं।
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
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