का सरल उत्तर
24 घंटे में 21,600 श्वास — 10,800 सांसारिक, 10,800 आध्यात्मिक। हर साधक के लिए 10,800 जप संभव नहीं इसलिए ऋषियों ने करुणावश अंतिम दो शून्य हटाकर 108 निर्धारित किया। 108 जप = 10,800 श्वासों का पुण्य।
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।