तैत्तिरीय ब्राह्मण में सरस्वती को क्या कहा गया है?
का सरल उत्तर
सरल उत्तर
तैत्तिरीय ब्राह्मण (द्वितीय खंड): सरस्वती = 'वाग्मिता (eloquent speech) और मधुर संगीत की माता' — यह उनके ज्ञान और कला की देवी बनने की प्रक्रिया का स्पष्ट आरंभ था। यजुर्वेद में उन्हें इंद्र की माता और संगिनी भी कहा गया है।
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ऋग्वेद में सरस्वती
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