का सरल उत्तर
तीसरा नेत्र = ज्ञान, विवेक और अंतर्दृष्टि का नेत्र। जब यह खुलता है तो अज्ञान, अंधकार और काम (सांसारिक इच्छाएं) भस्म हो जाते हैं। यह भीतर की ओर देखने की प्रेरणा देता है।
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
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