का सरल उत्तर
तीन पिण्ड तीन पीढ़ियों के प्रतीक हैं, अर्थात् पिता, पितामह दादा, और प्रपितामह परदादा। याज्ञवल्क्य स्मृति के अनुसार ये तीन पूर्वज क्रमशः वसु, रुद्र और आदित्य देवताओं के समान माने जाते हैं। इस परम्परा की शुरुआत स्वयं भगवान वराह ने की थी।
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
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