का सरल उत्तर
तिलक का प्रमुख मंत्र है — 'ॐ चन्दनस्य महत्पुण्यं पवित्रं पापनाशनम्। आपदां हरते नित्यं लक्ष्मीस्तिष्ठति सर्वदा॥' वैष्णव परम्परा में 'केशवानन्त गोविन्द वाराह पुरुषोत्तम...' भी पढ़ा जाता है। तिलक आज्ञाचक्र पर लगाया जाता है और पवित्रता, कल्याण व लक्ष्मी-प्राप्ति का प्रतीक है।
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
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