का सरल उत्तर
दिगम्बर साधना = निर्वस्त्र साधना। दिक् + अम्बर = दिशा ही वस्त्र। अर्थ: संसार/अहंकार त्याग, मूल प्रकृति। शक्ति (काली/तारा), अघोर, वामाचार परम्परा में। अत्यन्त उन्नत/गोपनीय — गुरु दीक्षा अनिवार्य, एकान्त, सामान्य भक्तों हेतु नहीं।
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
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